सामाजिक कुरीतियाँ और नारी , उसके सम्बन्ध , उसकी मजबूरियां उसका शोषण , इससब विषयों पर कविता

Sunday, May 18, 2008

नारी तुम केवल सबला हो


©

नारी तुम केवल सबला हो
निमर्म प्रकृति के फन्दों में

झूलती कोई अर्गला हो ।

नारी तुम केवल सबला हो ।

विष देकर अमृत बरसाती
हाँ ढ़ाँप रही कैसी थाती ।

विषदन्त पुरूष की निष्ठुरता

करूणा के टुकड़े कर जाती

विस्मृति में खो जाती ऐसे
जैसे भूला सा पगला हो

नारी तुम केवल
--
कब किसने तुमको माना है

कब दर्द तुम्हारा जाना है
किसने तुमको सहलाया है

बस आँसू से बहलाया है

जिसका भी जब भी वार चला

वह टूट पड़ा ज्यों बगुला हो ।

नारी तुम
--


तुम दया ना पा ठुकराई गई

पर फिर भी ना गुमराह हुई

इस स्नेह रहित निष्ठुर जग
में
कब तुमसी करूणा
-धार बही ?
जिसने तुमको ठुकराया था

उसके जीवन की मंगला हो ।

नारी तुम
--

कब तक यूँ ही जी पाओगी ?
आघातों को सह पाओगी
?
कब तक यूँ टूटी तारों से

जीवन की तार बजाओगी
?
कब तक सींचोगी बेलों को

उस पानी से जो गंदला हो
?
नारी तुम
---

लो मेरे श्रद्धा सुमन तम्हीं
कुछ तो धीरज पा जाऊँ मैं

अपनी आँखों के आँसू को

इस मिस ही कहीं गिराऊँ मैं

तेरी इस कर्कष नियती पर

बरसूँ ऐसे ज्यों चपला हो ।

नारी तुम
--

मेरी इच्छा वह दिन आए
जब तू जग में आदर पाए ।

दुनिया के क्रूर आघातों से

तू जरा ना घायल हो पाए

तेरी शक्ति को देखे जो

तो विश्व प्रकंपित हो जाए ।

यह थोथा बल रखने वाला

नर स्वयं शिथिल
-मन हो जाए ।
गूँजे जग में गुंजार यही
-
गाने वाला नर अगला हो

नारी तुम केवल सबला हो ।

नारी तुम केवल सबला हो ।

2008-09 सर्वाधिकार सुरक्षित!

4 comments:

रचना said...

कब दर्द तुम्हारा जाना है
किसने तुमको सहलाया है
बस आँसू से बहलाया है
जिसका भी जब भी वार चला
वह टूट पड़ा ज्यों बगुला हो ।
नारी तुम--

shabd gum ho gayae , tareef karu kaese

मीत said...

बहुत बढ़िया है शोभा जी. बधाई.

Rajesh said...

मेरी इच्छा वह दिन आए
जब तू जग में आदर पाए ।
दुनिया के क्रूर आघातों से
तू जरा ना घायल हो पाए
तेरी शक्ति को देखे जो
तो विश्व प्रकंपित हो जाए ।
Shobhaji, wah din jaroor aayega jab nari ko jag mein aadar milega, vaise aaj kal kafi naariyan aadar paa bhi rahi hai ab tak. Naari ki shakti ko pahachana bhi jane laga hai, ab naari ka loha mana jane laga hai aur naari shakti ka roop to hai hi.......

mehek said...

bahut khubsurat abhivyakti