सामाजिक कुरीतियाँ और नारी , उसके सम्बन्ध , उसकी मजबूरियां उसका शोषण , इससब विषयों पर कविता

Saturday, September 26, 2009

मेजर गौतम तुम्हे सलाम

गौतम का नाम मिला हैं तुमको
गौतम बनना होगा तुमको
इंसान नहीं हो तुम
शिला हो , सो भाव ना हो तुममे
तुम हो तो सुरक्षित हम हैं गौतम
तुम जैसी शिलाओ से
सुरक्षित हैं सीमाये
माँ बनने वाली हैं पल्लवी
फिर जन्मेगा एक सुरेश
फिर उसको तुम्हे ही बनाना है मेजर
हम भी पीछे नहीं हैं गौतम
जहां कहोगे शिला बन कर खडे रहेगे
ना सुरेश अकेला था
ना पल्लवी अकेली होगी
तुम हुकुम करना
हम पूरा करेगे
मेजर गौतम तुम्हे सलाम
क्युकी जीते हो जिंदगी की
लड़ाई भी तुम

डॉ अनुराग की पोस्ट देखे सन्दर्भ के लिये
© 2008-09 सर्वाधिकार सुरक्षित!

9 comments:

M VERMA said...

मेजर गौतम को मेरा भी सलाम
बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति

Ulook said...

सलाम मेजर गौतम !!

Udan Tashtari said...

मेजर गौतम को सेल्यूट!!

VIJAY TIWARI " KISLAY " said...

मेरी भी हार्दिक संवेदनाएँ.

- विजय

प्रेमलता पांडे said...

सलाम मेजर गौतम!

मुनीश ( munish ) said...

salute !

शोभना चौरे said...

mejar gaoutm ko salam avm shubhkamnaye .

Anil Pusadkar said...

सिर्फ़ सलाम ही नही साष्टांग दण्डवत करता हूं वतन के रखवाले जाबांज मेजर गौतम को।

ओम आर्य said...

मेजर साहब आप मेरा स्वाभिमान हो ...सलाम!